सिद्धार्थ, जून 30 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के हल्लौर कस्बा में मोहर्रम पर्व को लेकर घरों व इमामबाड़ा में मर्सिया मजलिस का सिलसिला चल रहा है। रविवार की सुबह आयोजित मजलिस के बाद अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को याद कर नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। वहीं मजलिस में ज़ाकिरे अहलेबैत अज़ीम हैदर ने कहा कि मोहर्रम की दूसरी तारीख को जब इमाम हुसैन अस.का काफिला कर्बला पहुंचा तो उस समय उनके साथ एक छोटा सा लश्कर था। इसमें औरतों से लेकर छोटे बच्चों सहित 72 लोग शामिल थे। इसी दौरान कर्बला के पास उस वक्त के शासक यजीद ने इमाम हुसैन के काफिले को फौज लेकर घेराबंदी कर लिया और खुद को खलीफा (धर्मनेता) मानने के लिए उन्हें मजबूर किया। इमाम हुसैन अस.ने इस्लाम के वसूलों पर क़ायम रहते हुए उसको खलीफा मानने से इंकार कर दिया। मजलिस से पूर्व अम्बर मेंहदी, अब...
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