नई दिल्ली, दिसम्बर 18 -- कर्नाटक विधानसभा ने गुरुवार को हंगामे के बीच नफरत फैलाने वाले भाषण पर रोक से संबंधित एक विधेयक पारित कर दिया। घृणा भाषण और घृणा अपराध (रोकथाम) विधेयक देश का पहला ऐसा कानून है, जिसमें सात साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। विधेयक को भाजपा विधायकों के हंगामे के बीच पारित किया गया। मंत्रिमंडल ने विधेयक को चार दिसंबर को मंजूरी दी थी और 10 दिसंबर को गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इसे सदन में पेश किया था। परमेश्वर ने कहा कि बार-बार अपराध करने की स्थिति में 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान घटाकर सात साल कर दिया गया है। विधेयक के अनुसार ऐसी कोई भी अभिव्यक्ति, जो किसी भी पूर्वाग्रहपूर्ण हित को पूरा करने के लिए व्यक्ति, वर्ग या समुदाय के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलकर, लिखकर या संकेतों में प्रकाशित या प्रसा...
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