भागलपुर, दिसम्बर 6 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। टीएमबीयू के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग (एआईएच) की टीम ने शुक्रवार को ऐतिहासिक कर्णगढ़ का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पुरावशेषों को देखा और उनका संकलन किया। इस दौरान सर्वेक्षण दल ने विशेष रूप से 1960-70 के दशक में पटना विवि द्वारा प्रो. बीपी सिन्हा के निर्देशन में किए गए उत्खनन के ट्रेंच (खातों) का सर्वेक्षण किया। इस दौरान दल को छठी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर शुंग-कुषाण के काल एवं बाद के कालों के कई पुरावशेष प्राप्त हुए। इनमें सबसे विशिष्ट टेराकोटा (मिट्टी) निर्मित मनौती स्तूप है, जो शुंग-कुषाण के काल का प्रतीत होता है। विभाग के हेड डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि इसके मिलने से अंग की राजधानी नगर चम्पा में प्रथम-द्वितीय शताब्दी तक बौद्ध धर्म के प्रभावी *होने क...