मुजफ्फरपुर, फरवरी 15 -- मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर निबंधन कार्यालय में हर माह औसतन 10 से 15 करोड़ रुपये राजस्व वसूली है। करोड़ों रुपये राजस्व वाले इस कार्यालय में दशकों से अपनी आजीविका चला रहे कातिबों को बैठने तक की जगह नहीं है। इसके अलावा भी वे अनेक समस्याएं झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि दस्तावेज नवीस और कातिबों को विभाग हटाने की कवायद कर रहा है। उनके लाइसेंस ले लिए गए हैं। प्रत्येक दस्तावेज पर कातिबों से अवैध वसूली का भी आरोप लगाया। कहा कि उन्हें दरकिनार कर देने से राजस्व वसूली प्रभावित होगी। मुद्रांक विक्रेताओं के लिए भी यहां बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। मिलिट्री बहाली, आरटीआई आदि लगाने के लिए मुद्रांक शुल्क या एग्रीमेंट के लिए मुद्रांक की जरूरत निबंधन कार्यालय के मुद्रांक विक्रेता ही पूरी करते हैं। मुद्रांक विक्रेताओं का कहना है कि यहां 10-...
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