प्रयागराज, मार्च 6 -- महाकुम्भ के दौरान प्रतिदिन करोडों श्रद्धालुओं के स्नान करने के बाद भी संगम का जल शीशे की तरह साफ है, यह दावा किया है पद्मश्री वैज्ञानिक डॉ. अजय सोनकर ने। उनका कहना है कि इससे देश-विदेश के कई वैज्ञानिक हैरान हैं और उनसे संगम के जल की शुद्धता पर लगातार जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। वैज्ञानिक उनसे जानना चाहते हैं कि जिस संगम में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया, उसका जल लगातार शीशे की तरह साफ आखिर कैसे रहा। अंडमान से समुद्री सीप लाकर प्रयागराज में मोती पैदा करने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किए जा रहे डॉ. सोनकर का कहना है कि बैक्टिरीयोफेज का रहस्य क्या है, यह कैसे मानव शरीर को नुकसान करने वाले बैक्टिरिया को मारने में सक्षम होता है, इस बारे में भी उनसे जानकारी ली जा रही है। वैज्ञानिकों के अलावा हैदराबाद, अंडमान, त...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.