घाटशिला, सितम्बर 1 -- बहरागोड़ा। ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे बहरागोड़ा में वर्ष 2013 में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बना अंतर-प्रांतीय बस टर्मिनल आज उदासीनता और उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो गया है। तीनों राज्यों के यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई यह महत्वपूर्ण परियोजना अब बदहाली की मिसाल बन चुकी है। सुविधाओं का घोर अभाव बस टर्मिनल में न बिजली की सुविधा है, न ही पीने के पानी की। शाम ढलते ही पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है। यात्री असुरक्षा की वजह से बसों का इंतजार टर्मिनल के अंदर नहीं बल्कि सड़क और ओवरब्रिज पर खड़े होकर करते हैं। पिछले एक साल से खराब पड़ा सोलर वाटर प्यूरीफायर और जलमीनार यात्रियों और बस कर्मचारियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। जर्जर यात्री विश्रामलय व बद...
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