वाराणसी, जनवरी 30 -- वाराणसी, रोहनिया, हिटी। करसड़ा में बन रहा कूड़े का पहाड़ पर्यावरण और स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर मुसीबत बनता जा रहा है। यहां प्रतिदिन शहर से आने वाला करीब एक हजार टन कचरा निस्तारण की धीमी प्रक्रिया के चलते बढ़कर लगभग 12 लाख टन तक पहुंच चुका है। करसड़ा स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में कचरे से खाद तैयार की जाती है, लेकिन 600 टन प्रतिदिन क्षमता वाले इस प्लांट में रोजाना इससे कहीं अधिक मात्रा में कचरा पहुंचने के कारण कचरे का ढेर लगातार बढ़ता जा रहा है। भीषण गर्मी के दौरान कचरे के ढेर से मीथेन गैस का रिसाव हालात को और भयावह बना देता है। यह अत्यधिक ज्वलनशील गैस कई बार आग पकड़ लेती है, जिससे कचरे के पहाड़ जहरीले और जलते हुए ढेर में बदल जाते हैं। इससे आसपास के क्षेत्रों में दम घोंटने वाला धुआं फैल जाता है। कुछ सप्ताह पहले भी...
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