कुशीनगर, अक्टूबर 9 -- पडरौना, निज संवाददाता। संकष्टी गणेश करक चतुर्थी व्रत एवं निर्जला करवा चौथ व्रत शुक्रवार को होगा। रात 7.58 बजे चंद्रमा का दर्शन होगा। इसके बाद सौभाग्यवती महिलाएं पति के हाथों में जल ग्रहण करेंगी। इसकी तैयारी महिलाएं अभी जुट गई हैं। बाजार में व्रत को लेकर चहल-पहल बढ गई है। महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पाण्डेय ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी को चन्द्रोदय ब्यापिनी में करवा चौथ का व्रत किया जाता है। इस वर्ष शुक्रवार का दिन कृतिका नक्षत्र व सिद्धि योग मिल रहा है। यह स्त्रियों का मुख्य व्रत व त्योहार है। सौभाग्वती स्त्रियां अपने पति की रक्षार्थ इस व्रत को धारण करती हैं। रात्रि के समय भगवान शिव, चन्द्रमा, कार्तिकेय आदि के चित्रों व सुहाग की वस्तुओं की पूजा करती है। सबसे ऊपर चन्द्रमा, उसके न...
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