कोडरमा, सितम्बर 1 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता। कोडरमा जिले के ग्रामीण अंचलों में भाई-बहन के स्नेह और प्रकृति से जुड़ा करमा महोत्सव उल्लास और परंपरागत आस्था के साथ शुरू हो गया है। भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चौथ तिथि से प्रारंभ हुआ यह पर्व पूरे सप्ताह मनाया जाएगा। बुधवार की सुबह से ही गांवों में महिलाएं और किशोरियां गीत गाती हुई नदी-तालाब के घाटों पर पहुंचीं। वहां स्नान कर बालू उठाया और सिर पर जावा डाली लेकर घर लौटीं। फिर घर-आंगन में जावा डाली की स्थापना कर धूप-अगरबत्ती से पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाएं सामूहिक रूप से पारंपरिक गीत गाती हुई जावा डाली के चारों ओर घूम-घूमकर नृत्य करती रहीं। ग्रामीण इलाकों में करमा गीतों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो उठा है। करमा पर्व को भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि...
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