गंगापार, दिसम्बर 15 -- करछना-गौहनिया मार्ग कभी यमुनापार क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता था, लेकिन आज यह मार्ग बदहाली और विभागीय लापरवाही की भयावह तस्वीर बन चुका है। बने अभी कुछ ही महीने हुए थे कि सड़क गहरे गड्ढों, उधड़ी परतों और कीचड़ में तब्दील हो गई। चमचमाती डामर अब अतीत बन चुकी है और हर सफर डर के साये में गुजर रहा है। गौहनिया चौराहे से करछना तक ओवरलोड और ओवर डायमेंशन वाहनों की बेलगाम आवाजाही ने सड़क की कमर तोड़ दी है। दिन में लोग किसी तरह जान जोखिम में डालकर निकलते हैं, जबकि रात में गड्ढों में भरा पानी हादसों को खुला न्योता देता है। ट्रक, ट्रेलर, डंपर, पिकअप और ई-रिक्शा तय क्षमता से कहीं अधिक भार लेकर दौड़ रहे हैं, लेकिन इन्हें रोकने या सड़क बचाने वाला कोई नजर नहीं आता। इस मार्ग से रोज हजारों राहगीर गुजरते हैं। बच्चे स्कूल जाते हैं, मरीज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.