लखनऊ, नवम्बर 21 -- लोहिया संस्थान और आईएससीसीएम की तरफ से स्कूल में चला अभियान हार्टअटैक-डूबने व करंट लगने पर पीड़ित की बचा सकते हैं जान लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) से दिल की धड़कन गड़बड़ाने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है। करंट लगने व दम घुटने जैसी स्थितियों में भी सीपीआर कारगर है। यह जानकारी लोहिया संस्थान में एनस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष व इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के अध्यक्ष डॉ. पीके दास ने दी। शुक्रवार को सोसाइटी की तरफ से निजी स्कूल में बच्चों को सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. पीके दास ने कहा कि सीपीआर सीखकर आप किसी की जान बचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सीपीआर से दिल की धड़कन को फिर से शुरू करने में मदद मिलती है। सीपीआर से मस्तिष्क को आक्सीजन पहुंचती है, जिससे मस्तिष्क की क्षति को कम ...