मधुबनी, फरवरी 18 -- मिथिलांचल की धरती अपनी विद्वता और शैक्षणिक गौरव के लिए जानी जाती है, लेकिन इस धरती का एक प्रतिष्ठित संस्थान आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। झंझारपुर का हृदय स्थल कहे जाने वाले और रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित महादेव पूरण टिबरेवाल प्लस टू हाई स्कूल (एमपीटी हाई स्कूल) अपनी पहचान खोने की कगार पर है। इस स्कूल की स्थापना 1958 में हुआ था। एक समय था जब इस स्कूल का नाम पूरे जिले में सम्मान के साथ लिया जाता था। अभिभावक अपनी बेटियों को यहां भेजने में गर्व और सुरक्षा महसूस करते थे। लेकिन आज, सरकारी फाइलों में इसे 'मॉडल स्कूल' का तमगा तो दे दिया गया है, मगर धरातल पर यह किसी भयावह खंडहर से कम नजर नहीं आता। रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित होने के कारण इस स्कूल की भौगोलिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्कूल के ठीक बगल में रेलवे की ...