लखनऊ, अगस्त 26 -- प्रदेश में बिजली की कम मांग का हवाला देते हुए चार उत्पादन इकाइयों को पांच सितंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा 110-110 मेगावॉट की दो इकाइयां 31 अगस्त तक बंद रहेंगी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कम मांग का हवाला देकर बिजली उत्पादन इकाइयां ठप करने पर सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के कंज्यूमर राइट रूल्स 2020 के मुताबिक प्रदेश के सभी उपभोक्तओं को 24 घंटे बिजली देना अनिवार्य है। चाहे वे उपभोक्ता शहरी हों या ग्रामीण। हालांकि, पावर कॉरपोरेशन उपभोक्ताओं को बिजली तय रोस्टर से ही तब भी देना चाहता है, जबकि उसके पास बिजली उपलब्ध रहे। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली न देनी पड़े इसलिए बिजली मांग में कमी बताते हुए उत्पादन इकाइयों को रिजर्व शटडाउन पर ले लिय...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.