गाजीपुर, जुलाई 23 -- गाजीपुर, संवाददाता। तकनीक का सबसे ज्यादा लाभ परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था की देखरेख में हुआ है। इससे परिषदीय विद्यालयों पर होने वाले गड़बड़झाला में भी कमी आयी है। इसके साथ ही विद्यालयों पर छात्रों की उपस्थिति सहित अन्य बिंदुओं की जानकारी तत्काल विभागीय अधिकारियों को मिल जा रही है। मानव संपदा और प्रेरणा पोर्टल ने विभाग में चल रही धांधलियों को समय-समय पर सामने लाने का काम किया। प्रेरणा पोर्टल के डाटा की समीक्षा के दौरान कई ऐसे विद्यालय मिले है, जिनमें बच्चों के नए नामांकन पचास अथवा इससे कम हुए है। बीएसए हेमंत राव ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है कि ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार करते हुए प्रधानाध्यापक नाम दें। जिसके बाद इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी की जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के तह...
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