सिद्धार्थ, जून 23 -- सिद्धार्थनगर। शिक्षा का अधिकार और सर्व शिक्षा अभियान के तहत देश के छह से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार दिया गया। जिसके तहत गांव-गांव विद्यालय खोले गए, कम संख्या के आधार पर विद्यालय को शिक्षक और बच्चों सहित पास के विद्यालय में मर्ज करने का निर्णय गलत है। ये बातें अटेवा के जिलाध्यक्ष बृजेश द्विवेदी ने कहीं। उन्होंने कहा कि कम छात्र संख्या का ठीकरा शिक्षक पर फोड़ते हैं, जो गलत और उनके हारी हुई मानसिकता का परिचायक है। आए दिन शिक्षक बहुउद्देशीय कर्मी बनकर जनगणना, बाल गणना, बीएलओ ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी, संकुल प्रभारी ड्यूटी, एआरपी ड्यूटी, एमडीएम का संचालन, विद्यालय का समस्त डाटा ऑनलाइन करना या कार्य करने की जानकारी के अभाव में अपने पास से रुपये देकर कंप्यूटर सेंटर से करवाना, शैक्षिक सत्र चलाने में स्थानीय...
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