बागपत, जुलाई 5 -- परिषदीय विद्यालयों में छह से 14 वर्ष आयु के विद्यार्थियों के आउट ऑफ स्कूल परखने के तरीके में बदलाव हुआ है। अब एक शैक्षिक सत्र में 30 दिनों से अधिक अनुपस्थित होने और वार्षिक परीक्षा या निपुण असेसमेंट टेस्ट (नैट) में 35 फीसदी से कम अंक लाने पर विद्यार्थी को आउट ऑफ स्कूल माना जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय लाने के लिए अभियान चलेगा। परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉप आउट को कम करने के उद्देश्य से बड़े बदलाव किए जाएंगे। अभी तक आउट ऑफ स्कूल 45 दिनों तक नियमित विद्यालय न आने वाले या फिर किसी विद्यालय में नामांकित न होने वाले विद्यार्थी को ही माना जाता है। अब ऐसा नहीं होगा, परीक्षाओं के अंक से भी पता चल सकेगा कि विद्यार्थी विद्यालय आते हैं या नहीं। इसके साथ ही चिह्नित विद्यार्थियों को वि...
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