भभुआ, नवम्बर 1 -- बहस में नतीजा भले न निकले, सवाल लाख टके का छोड़ते हैं (नुक्कड़ पर चुनाव/दुर्गा चौक) रामगढ़। भावनाथ, मुराहू, बटोही बाबा और डिस्को बाबू की दुर्गा चौक पर बहस जारी है। यह चौकड़ी जब गाल बजाती है तब सुनने के सिवा कोई विकल्प नहीं। यह मंच पर भले ही नजर नहीं आते, पर बेंच के सियासी समीक्षकों में शुमार हैं। यह चाय की चुस्की और पान की गिलौरियों के तलबगार हैं। फिर बहस में नतीजा भले न निकले, पर सवाल लाख टके का छोड़ते हैं। बैठकी जम गई है। विषय है- ताज के दावेदारों की धारदार धनबल गणित व मुद्दों से कटरी कटाने की रणनीति। मुराहू ने तर्क पेश किया। कैमूर की हर सीट पर हार-जीत की सियासी गुत्थी उलझी हुई प्रतीत हो रही। अंदर की बात यह है कि इसे सुलझाने के लिए माथापच्ची जारी है। पैसे जुटाए जा रहे हैं। कुछ प्रत्याशी चंदा लहाने के लिए गरीबी का राग गा रहे...
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