नई दिल्ली, जून 15 -- लुधियाना की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन उर्फ कमल कौर भाभी सोशल मीडिया की चकाचौंध से चमकी थी। इंस्टाग्राम पर कंचन के करीब चार लाख फैन थे और दो यूट्यूब चैनलों पर भी उसके अच्छे खासे सबस्क्राबर थे लेकिन जब दुनिया से जाने का वक्त आया तो कोई नहीं आया। उसके अंतिम संस्कार के वक्त सिर्फ तीन लोग ही मौके पर थे। उसकी मां, बहन और एक भाई ही श्मशान में थे, दूसरा भाई नहीं आया। कोई रिश्तेदार भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। यहां तक कि परिजनों ने उसका संस्कार लुधियाना में नहीं बल्कि बठिंडा में ही कर दिया। कंचन लुधियाना की रहने वाली थी और बठिंडा में उसकी हत्या हुई थी। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन उसके शव को अपने घर लुधियाना नहीं ले गए और बठिंडा की एक सामाजिक संस्था की मदद से यहीं उसकी चिता को अग्नि दे दी। इंस्टाग्राम क्वीन कमल...
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