लखनऊ, मई 8 -- छात्रों को न्यूरो सर्जन ने ऑपरेशन की सलाह दी थी, लेकिन आयुर्वेद से बीमारी ठीक हो गई लखनऊ, कार्यालय संवाददाता दो वर्ष से कमर और पैरों के दर्द से पीड़ित नर्सिंग छात्रा क्लास रूम में बैठ नहीं पाती थी। चलने में दिक्कत होती थी। एमआरआई में कमर की डिस्क और नसों के दबने की समस्या बताकर न्यूरो सर्जन ने ऑपरेशन की सलाह दी। अधिक खर्च की वजह से ऑपरेशन नहीं हो सका। इसके बाद टूड़ियागंज स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में उपचार शुरू किया। एक वर्ष के उपचार में छात्रा को पूरा आराम मिल गया है। अब दवाएं भी बंद हो गईं हैं। इस केस को नीदरलैण्ड के अल्सेवियर से प्रकाशित अन्तरराष्ट्रीय जर्नल ऑफ आयुर्वेदा एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन ने मान्यता दी है। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के पूर्व गठिया विशेषज्ञ डॉ. संजीव रस्तोगी ने बताया कि एक वर्ष पहले हरदोई नि...
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