अररिया, दिसम्बर 8 -- अररिया, वरीय संवाददाता आज भले ही अररिया वन व वन्य प्राणियों की कमी से कराह रहा हो और वायु प्रदूषण की मार झेल रही हो, लेकिन एक समय जंगलों बहुलता के कारण सीमांचल के अररिया को शिकारियों का स्वर्गस्थल कहा जाता था। अंग्रेज अधिकारी जेम्स इंग्लिश ने 1892 में प्रकाशित अपनी पुस्तक टेंट लाइफ ऑफ टाइगर लैंड में अररिया को द बेस्ट शूटिंग ग्राउंड ऑफ द वर्ल्ड कहा है। बनैली के राजा कृत्यानंद ने भी 1916 में प्रकाशित अपनी पुस्तक ए शिकार लैंड में भी अररिया में वन स्थलों का वर्णन किया है। कहने का मतलब समृद्धशाली पर्यावरण को हमने खुद बर्बाद किया है।
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