कुशीनगर, नवम्बर 6 -- कुशीनगर। सस्ते और बेहतर इलाज की उम्मीद में जिले के मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को अक्सर ही नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। फिर चाहे मरीज के रेफर होने पर निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़े या फिर दलालों के चंगुल में फंसकर व्यर्थ में रुपये गंवाने पड़ें। दोनों ही मामलों में मेडिकल कॉलेज प्रशासन का अंकुश नहीं दिख रहा है। पिछले कुछ महीने में ऐसे कई मामले देखे गए हैं, जिनमें डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही अथवा बिचौलियों के झांसे में आने के कारण मरीजों को जिंदगी या रुपये से हाथ धोना पड़ा। केस-एक कसया थाना क्षेत्र के पकवा इनार (डुमरी) की निवासी सरिता देवी नाम की एक महिला की पिछले सितंबर महीने में मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पथरी का ऑपरेशन हुआ था। महिला की हालत ...
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