भभुआ, नवम्बर 23 -- बोले भभुआ, कभी जीवनदाता रहा जलस्रोत अब गंदगी का अंबार मवेशियों को बांधने व खुले में शौच और लापरवाही से बिगड़ी स्थिति रखरखाव के अभाव में 6 एकड़ का विशाल तालाब संकट में, ग्रामीण कर रहे पुनरुद्धार की मांग भभुआ, नगर संवाददाता। स्थानीय प्रखण्ड के अखलासपुर गांव का ऐतिहासिक पश्चिम पोखरा, जो कभी पूरे गांव की जीवनरेखा माना जाता था, आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यह वही पोखरा है जिसके जल से 1970 के दशक तक गांव की लगभग 90 प्रतिशत आबादी अपनी प्यास बुझाती थी। ग्रामीणों की यादों में आज भी उस दौर की तस्वीरें ताज़ा हैं न स्वच्छ पानी की कमी, न प्रदूषण का डर, न ही जल स्रोत का शोषण। लेकिन समय के साथ यह 6 एकड़ से अधिक में फैला विशाल तालाब अब गंदगी का अंबार बन चुका है और अपना अस्तित्व खोने की कगार पर खड़ा है। गांव के बबलू श्रीवास्तव, दीपक त...