जयपुर, दिसम्बर 8 -- भाजपा संगठन की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में अपने राजनीतिक-संगठनात्मक सफर की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि संगठन ने जो भरोसा नए प्रदेश पदाधिकारियों पर जताया है, अब उसे निष्ठा, मेहनत और समय से लौटाने की जिम्मेदारी भी उनकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब संगठन और सत्ता के बीच संतुलन बनाना प्रदेश पदाधिकारियों की पहली असली परीक्षा होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा प्रदेश में सरकार और संगठन के काम को जनता तक ले जाना ही आने वाले दो साल का मिशन है। सीएम ने कहा कि पदाधिकारियों का चयन लंबे अंतराल के बाद हुआ है और यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि राज्य तथा केंद्र सरकार की योजनाओं, विशेष रूप से भजनलाल शर्मा सरकार के दो साल में हुए विकास कार्यों को बूथ स्तर तक पहुंचाना सबसे बड़ा उ...