सहरसा, दिसम्बर 15 -- सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। शहर का ऐतिहासिक कपड़ा पट्टी बाजार जो कभी शहर का सबसे व्यवस्थित और भीड़ - भाड़ वाला व्यापारिक केंद्र माना जाता था, आज अतिक्रमण और ट्रैफिक अव्यवस्था की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। बाजार के दोनों ओर बनी दुकानें सड़क और नाले से सटी होने के कारण जगह पहले ही बेहद कम बची है। ऊपर से फुटपाथी दुकानदारों जिनमें दर्जी, छोटे कपड़ा विक्रेता और अस्थायी स्टॉल लगाने वाले लोग शामिल हैं ने सड़क के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा लिया है। नतीजा यह कि पैदल चलने तक की जगह नहीं बचती, और लोगों को गाड़ियों के बीच से रास्ता निकालना पड़ता है। दिन के समय बाजार में सौ मीटर चलना भी किसी बड़ी परीक्षा जैसा हो गया है। जहां यह दूरी सामान्य तौर पर दो मिनट में पूरी होनी चाहिए, वहीं मौजूदा हालात में 25 से 30 मिनट तक लग रहे हैं। सड़क पर ख...