कन्नौज, दिसम्बर 27 -- छिबरामऊ, संवादददाता। सौरिख क्षेत्र के गांव डिगरी में चल रही श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस पर कथा व्यास पं.नंदकिशोरजी महाराज ने भगवान राम और माता जानकी के विवाह प्रसंग पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि कन्या दान से बड़ा इस संसार में कोई दान नहीं होता। उन्होंने कहा कि राजा जनक जी ने शिव धनुष तोडऩे के बाद भगवान राम को अपनी पुत्री सीता का दान करते हुए महाराज दशरथ से विनम्र निवेदन किया कि आज से मेरी पुत्री के पिता आप हैं। मेरा आपसे अनुरोध है कि मेरी बेटी अत्यंत कोमल स्वभाव की है, यदि उससे कोई भूल हो जाए तो उसे हृदय से न लगाएं, क्षमा कर दें। इस पर महाराज दशरथ ने बड़े आदर से उत्तर दिया हे जनक जी, आपने मुझे कन्या दान करके मुझे छोटा बना दिया है, क्योंकि आज आप देने वाले हैं और मैं लेने वाला हूं। इसलिए आप मुझसे बड़े हैं। पंडित जी न...
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