वाराणसी, दिसम्बर 7 -- वाराणसी,संवाददाता। कथा से व्यथा मिटती है और संबल मिलता है, जो हमारे आत्मबल को बढ़ाता है। ऐसा कहना है स्वामी वेदांताचार्य का। वह शनिवार को फलाहारी बाबा आश्रम की ओर से शिवपुर के रामलीला मैदान में चल रहे महालक्ष्मी महायज्ञ के अवसर पर आयोजित शिवमहापुराण की कथा के तीसरे दिन प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पंचमहाभूतों के स्वरूप में शिव सृष्टिकर्ता से लेकर संहारक तक विद्यमान हैं। जीवन का सत्य शिव है, जो अपनी लीला माधुर्य से भक्तों को काशी में दिव्यानुभूति कराते हैं। उनकी कृपानुभूति साधना की दृढ़ता में निहित है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे काशीपुरी में आध्यात्मिक चेतना के लिए निवास करें और शिव को जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में समाहित कर सुख-दुख का साथी बनाएं। कथावाचक ने शतरुद्र संहिता के आधार पर शिवतत्व का विस्तारप...