सीतापुर, जनवरी 25 -- मानपुर, संवाददाता। परम हंस बाबा जगमोहन दास की समाधि स्थल पर सात दिवसीय महायज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास मुमुक्षा दीदी भक्तों को सृष्टि के आरंभ में ब्रह्मा ने मनु को मानव समाज का संचालक बताया। मनु को विधि-विधान, धर्म और सामाजिक व्यवस्था का प्रथम प्रवर्तक माना गया। उनकी पत्नी सतरूपा आदिशक्ति का स्वरूप थीं। जिनके बिना सृष्टि का विस्तार संभव नहीं था। मनु और सतरूपा से दो पुत्र प्रियव्रत और उत्तानपाद तथा तीन कन्याएं आकूति, देवहूति और प्रसूति उत्पन्न हुई। इन्हीं संतानों के माध्यम से पृथ्वी पर मानव, ऋषि और देव परंपराओं का विकास हुआ। देवहूति का विवाह महर्षि कर्दम मुनि से हुआ। जिनसे भगवान कपिल मुनि का अवतार हुआ। कपिल ने सांख्य दर्शन द्वारा आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया। कथा सुन श्रोता भाव विभोर हो गए। यज्ञ यजमान ब्रजेश अवस्थी, राजू च...