संभल, अप्रैल 11 -- चन्दौसी। कथा सुनने से मनुष्य धर्म का मार्ग अपनाकर प्रभु को पा सकता है। इसीलिए सभी के लिए समय निकालकर कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। कथा सुनने से जहां मन को शांति मिलती है वहीं प्रभु की प्राप्ति का रास्ता भी मिल जाता है। यह सद विचार कथा व्यास शिवशंकर भारद्वाज ने श्रीमद भागवत कथा के दौरान व्यक्त किए। आवास विकास के अहिल्या बाई पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथाव्यास आचार्य शिवशंकर भारद्वाज ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से व्यक्ति धर्म के मार्ग का अनुशरण कर निष्पाप होकर प्रभु को पा लेता है। सतसंग ही भवसागर से पार उतरने की नौका है। भगवान ने दुर्योधन के 56 भोगो को त्यागकर विदुरानी के केले स्वीकार किए थे। भगवान फल, फूल, तुलसी पत्र और जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं। विदुरानी अपने घर आये कृष्ण को देख देह की स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.