चक्रधरपुर, नवम्बर 3 -- चक्रधरपुर, संवाददाता। चक्रधरपुर स्थित पोड़ाहाट स्टेडियम में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को कथा व्यास पंडित जीतू दास ने विदुर, ध्रुव, प्रह्लाद, भरत और अजामिल की कथाओं का वर्णन किया। जिसे सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने विदुर के घर जाकर साग-भात का भी प्रेम से भोग स्वीकार किया। यह इसलिए क्योंकि उसमें श्रद्धा और सच्चा प्रेम था। प्रह्लाद की कथा में बताया गया कि उनके पिता हिरण्यकश्यप ने ब्रह्माजी से वरदान मांगा। वह न दिन में मरे, न रात को, न अंदर, न बाहर, न कोई हथियार काटे, न आग जलाए, न पानी में डूबे। प्रह्लाद, भगवान विष्णु के परम भक्त थे। हिरण्यकश्यप ने जब प्रह्लाद पर तलवार उठाई तब खंभे से नरसिंह अवतार प्रकट हुए। भगवान ने हिरण्यकश्यप का वध किया। वहीं ध्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.