रुडकी, सितम्बर 8 -- सेवा सहयोग समिति की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथा वाचक महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद ने ज्ञान, भक्ति और वैराग्य, कलयुग की महिमा का वर्णन किया। मालवीय चौक स्थित एक बैंक्वेट हॉल में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में कथा वाचक जीवनदीप आश्रम पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी यतींद्रानंद ने बताया कि इस मनुष्य का जन्म लेकर अगर जीवन में सत्य, धर्म, दया, दान, आनंद नहीं है तो यह जीवन पशुवत हैं। उन्होंने ज्ञान भक्ति और वैराग्य कलयुग की महिमा का वर्णन किया। इस अवसर पर वेद मणिकांत, शुभम शर्मा, अमित, विशाल रविंद्र, अतुल वर्मा, अतुल हरित, अनिल शर्मा, मोहित कुमार, डॉ. प्रदीप त्यागी, अरुण शर्मा, आनंद प्रकाश, संजीव, अतुल वशिष्ठ आदि उपस्थित रहे।
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