उरई, दिसम्बर 14 -- जालौन। मलकपुरा में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर व्यास सुबोधानंद महाराज ने सुदामा चरित की कथा का रसास्वादन कराया। कथा के समापन पर भगवताचार्य सुबोधानंद महाराज ने भक्तों को भागवत को जीवन में उतारने की बात कही। उन्होंने सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। साथ ही भक्तो को बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है तो वहीं इसे कराने वाले भी पुण्य के भागी होते है। बताया कि सुदामाजी ने जीवन में किसी से कुछ नहीं मांगा। भगवान श्रीकृष्ण ने भी बिना याचना के गरीब सुदामा का उद्धार किया। मित्रता निभाते हुए सुदामा की स्थिति को सुधारा। अंत में उन्होंने बताया कि मनुष्य का जीवन कई योनियों के बाद मिलता है। इसे यूं ही बर्बाद न करें। कथा सम...