बस्ती, फरवरी 20 -- बस्ती, निज संवाददाता महर्षि वशिष्ठ आश्रम बढ़नी मिश्र में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने वशिष्ठ रामायण कथा के दूसरे दिन कहा कि वे अपने परिवार में 1415वीं कथा कह रहे हैं। जिससे ईश्वर खुद ज्ञान प्राप्त करे वह गुरु वशिष्ठ साधारण नहीं हो सकते। कथा के क्रम में रामभद्राचार्य ने कहा कि सरकार को यूजीसी का नया नियम वापस लेना ही होगा। समाज का विभाजन स्वीकार्य नहीं हैं। रामभद्राचार्य ने कहा कि ब्राम्हण कभी जातिवादी नहीं रहा। दुर्भाग्य से अनेक ब्राम्हण मांस सेवन, मछली खाने के साथ ही शराब का सेवन करने लगे हैं। ऐसे में ब्राम्हणों को स्वयं जागरूक होना होगा। रामभद्राचार्य ने कहा कि वे स्वयं जातिवादी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बस्ती को वशिष्ठ नगर होना ही है। बढनी मिश्र गांव की अपनी आध्यात्मिक विशेषता है। उन्होंने कहा कि जो रामजी का है, वह सभी क...