मुंगेर, दिसम्बर 9 -- सहरसा। कहते हैं मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता, और इसे साकार कर रहे हैं सहरसा के युवा समाजसेवी रौशन मिश्रा माधव। जहा बढ़ती ठंड में लोग रात होते ही अपने घरों में दुबक जाते हैं, वहीं रोशन आधी रात को घर से निकलकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के विभिन्न स्थानों पर ठंड से ठिठुरते निसहाय लोगों को कंबल ओढ़ा रहे हैं। पिछले कई दिनों से लगातार चल रही इस सेवा को लोग सराह रहे हैं। रोशन मिश्रा कहते हैं कि जो संतोष जरूरतमंदों की मदद करने से मिलता है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। रौशन पिछले कई वर्षों से दिव्यांग और असहाय लोगों की सहायता करते आ रहे हैं। उनकी टीम रोटी बैंक और बढ़ल हाथ के माध्यम से लगातार समाजसेवा में जुटी है और जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई है।
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