अलीगढ़, जनवरी 12 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। कड़ाके की ठंड ने इस बार न सिर्फ इंसानों को ठिठुराया है, प्रकृति भी मानो सुन्न पड़ गई है। तापमान गिरकर 05.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से सुबह का आसमान भी ठंड से बोझिल नजर आ रहा है। नदियों के किनारे, खेतों और पेड़ों पर चहकने वाले परिंदों का कलरव अब थम गया है। जो पक्षी आमतौर पर भोर होते ही उड़ान भरते थे, वे दिन चढ़ने के बाद भी दिखाई नहीं दे रहे। विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक ठंड में पक्षी अपनी ऊर्जा बचाने के लिए घोंसलों और बसेरों से बाहर निकलना कम कर देते हैं। सूरज ढलने से पहले ही वे सुरक्षित स्थानों में छिप जाते हैं, ताकि शरीर की गर्मी बनी रहे। यही कारण है कि सुबह और दोपहर के समय भी खुले इलाकों में पक्षियों की संख्या बेहद कम नजर आ रही है। खुले आसमान के नीचे रहने वाले आवारा पशुओं और परिंदों के लिए...
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