नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- सुहेल वहीद,लेखक एवं पत्रकार भारत में सेक्युलर होने का दावा करने वाली सियासी पार्टियां मुसलमानों के कट्टर तबके के आगे घुटने क्यों टेक देती हैं? ताजा मामला मशहूर शायर और पूर्व सांसद जावेद अख्तर का है, जिन्हें पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी ने 'हिंदी फिल्मों में उर्दू का किरदार' विषय पर चार दिवसीय समारोह में आमंत्रित किया, लेकिन जमीयते-उलमा-ए-हिंद के कड़े विरोध पर राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने यह कार्यक्रम ही रद्द करा दिया। पश्चिम बंगाल को अपेक्षाकृत अधिक सुसंस्कृत समाज माना जाता है। भारत में पुनर्जागरण की शुरुआत बंगाल से ही हुई। भारतीयों के हिस्से में जो नौ नोबेल पुरस्कार आए हैं, उनमें से चार बंगाल से हैं। करीब 34 साल तक वाम मोर्चा सरकार के साये में रहा है बंगाल, फिर भी मजहबी संकीर्णता वहां दिख रही है। भाजपा की राजनीति को ...
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