भभुआ, दिसम्बर 8 -- पेज चार की खबर कटनी शुरू होते ही हाट-बाजार में पहुंचने लगे बहुरूपिए विद्वान ब्राम्हण व दही बेचनेवाली के भेष में भगवानपुर में दिखे दंपती हावभाव, वाकपटुता और कलाकौशल का प्रदर्शन कर मांग रहे भिक्षा भगवानपुर, एक संवाददाता। कभी राजा-महाराजाओं, जागीरदारों, सेठ साहुकारों का मनोरंजन करनेवाले बहुरूपिए अब हाट-बाजार व गांवों में दिखने लगे हैं। अपने हावभाव, वाकपटुता और कलाकौशल से प्राचीन संस्कृति को जीवित रखने वाले बहुरूपिए सोमवार को भगवानपुर बाजार में दिखे। महिला दही बेचनेवाली तो पुरुष विद्वान ब्राम्हण के भेष में दिखे। जब इनसे बातचीत की गई, तो इन्होंने सबकुछ बताया, पर अपनी पहचान छुपा ली। सिर्फ इतना कहा कि वह कैमूर के ही निवासी हैं। राजेंद्र ने बताया कि वैशाली उनकी पत्नी है। वह राक्षस, डाकू, टीटीई, नर्स, योगी, साधु, शराबी, पुलिस, र...
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