नई दिल्ली, जनवरी 15 -- नई दिल्ली। तेल एवं गैस उद्योग ने वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट में कच्चे तेल पर लगने वाले तेल उद्योग विकास (ओआईडी) उपकर को समाप्त करने या इसकी समीक्षा करने की मांग करते हुए कहा है कि इसका घरेलू उत्पादन और परियोजनाओं की व्यवहार्यता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। भारतीय पेट्रोलियम उद्योग महासंघ (एफआईपीआई) ने वित्त मंत्रालय को बजट के बारे में भेजे गए अपने सुझाव में कहा है कि ओआईडी उपकर अब पेट्रोलियम उद्योग के लिए अत्यधिक बोझ बन गया है। उसने कहा कि ऐतिहासिक रूप से यह उपकर कच्चे तेल की कीमत का केवल 8-10 प्रतिशत रहा है।
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