लखीसराय, जनवरी 21 -- लखीसराय, कार्यालय संवाददाता। शहर की तस्वीर इन दिनों किसी कूड़ादान से कम नहीं दिख रही है। घनी आबादी वाले इलाकों के बीच खुलेआम कचरा डंप किए जाने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वार्ड दर वार्ड कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे दुर्गंध, मच्छर और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब लोग नगर परिषद और जिला प्रशासन से सीधा सवाल पूछ रहे हैं कि जब शहर की सफाई के नाम पर हर महीने करीब 72 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो आखिर इस कचरे से निजात कब मिलेगी? नगर परिषद द्वारा शहर में स्थायी डंपिंग यार्ड नहीं होने का हवाला देकर जहां-तहां कचरा डाला जा रहा है। नतीजा यह है कि शहर के कई खाली भूखंड, सड़क किनारे और रिहायशी इलाकों के बीच अघोषित डंपिंग यार्ड में तब्दील हो चुके हैं। वार्ड 21 सहित...