लखनऊ, नवम्बर 28 -- राजधानी में प्रदूषण का स्तर खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। शहर की हवा जहरीली होती जा रही है लेकिन फिर भी कूड़ा उठाने वाली कंपनियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। जिम्मेदार कंपनियां रोजाना खुलेआम कचरा जला रही हैं और नगर निगम सिर्फ जुर्माने का डंडा दिखाकर अपनी औपचारिकता पूरी कर रहा है। बुधवार को नगर निगम ने ऐसी ही कूड़ा जलाने की घटनाओं पर सफाई एजेंसियों पर मात्र 20,000 का जुर्माना लगाया था। इससे पहले भी 5-6 बार इन्हीं कंपनियों को कूड़ा जलाते हुए पकड़कर जुर्माना ठोका गया, लेकिन सुधार? शून्य! गुरुवार को फिर वही शर्मनाक हरकत हुई।विवेकानंद अस्पताल, और आशियाना के पास बड़े पैमाने पर कूड़ा जलता पाया गया। धुआं आसमान में फैलता रहा और नगर निगम फिर जुर्माना-खेल खेलने के अलावा कुछ न कर पाया। कंपनियां, ठेकेदार कर्मचारी से खुद जलवा रहे...
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