बिहारशरीफ, नवम्बर 8 -- 2015 में 3 विधानसभा क्षेत्रों में तीसरे नंबर पर था नोटा 2020 में भी सभी विधानसभा क्षेत्रों में पड़े 1000 से अधिक वोट बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। नोटा पर पड़े वोट कई बार कई प्रत्याशियों को पड़े मतों से अधिक होता है। 2015 में तो तीन विधानसभा क्षेत्रों में नोटा तीसरे नंबर पर था। विजेता और उपविजेता के बाद। बाकी सभी प्रत्याशी इसके पीछे थे। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी सभी सात सीटों पर नोटा को 1000 से अधिक वोट मिले थे। यानि ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं है जो किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं देकर अपना विरोध प्रकट करते हैं। ईवीएम के सबसे अंतिम में होता है नोटा का बटन। इसका मतलब होता है 'नन ऑफ द एवभ' यानि उपरोक्त में से कोई नहीं। सीधे शब्दों में अगर आपको कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं है तो नोटा का बटन दबा सकते हैं। इसकी शुरु...
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