पूर्णिया, जून 21 -- जलालगढ़, एक संवाददाता।पूर्णिया जिला के ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल जलालगढ़ किला अब एक बार फिर चर्चा में है। दशकों से उपेक्षित पड़े इस किले को अब पुनर्विकास की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है। बिहार सरकार के पुरातत्व विभाग द्वारा किला परिसर में बोर्ड लगाए जाने के बाद से स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। लोग अब आशान्वित हैं कि यह स्थल भी शीघ्र ही बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों में शुमार होगा। जलालगढ़ किला का निर्माण मुगल काल में नेपाल की ओर से लगातार हो रहे आक्रमणों से सुरक्षा के उद्देश्य से साल 1605 से 1627 के बीच कराया गया था। इसे खगड़ा किशनगंज के प्रथम राजा सैय्यद मो. जलालुद्दीन ने बनाया था। कहा जाता है कि उस वक्त यह किला सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण था और एक प्रमुख सैन्य छावन...
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