हरदोई, जून 17 -- हरपालपुर। क्षेत्र के चौधरियापुर गांव में एक सप्ताह से चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार को कथा व्यास अंकुल शास्त्री ने कंस वध की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कलिकाल में प्रभु का स्मरण मात्र से ही मानव का कल्याण हो जाता है। चौधरियापुर गांव में देवस्थान पर सामाजिक सहयोग से एक सप्ताह से हो रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास अंकुल शास्त्री ने कंस वध की कथा सुनाते हुए कहा कंस बहुत ही क्रूर अत्याचारी और दुष्ट राजा था। यहां तक की राजपाठ पाने के लिए उसने अपने पिता उग्रसेन को जबरन गद्दी से हटकर खुद उस पर बैठ गया। दुष्ट कंस ने अपनी बहन देवकी के नवजात संतानों की हत्या कर दी। लेकिन आठवीं संतान कृष्ण का बाल बांका न कर सका और कृष्णा ने अपने हाथों से कंस का वध किया। मनोज द्विवेदी, गोविंद पांडेय, नीरज द्विवेदी, लालजी द्वि...
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