सोनभद्र, दिसम्बर 10 -- घोरावल (सोनभद्र), हिन्दुस्तान संवाद। स्थानीय नगर के धर्मशाला परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम में मंगलवार की शाम कंस वध एवं रुकमणी विवाह की कथा का वर्णन किया गया। वृंदावन से आए भागवत कथाकार ब्रजराज दास ने व्यास पीठ से प्रवचन किया। उन्होंने कहा कि जीव किसी भी भाव से यदि ईश्वर को याद करता है तो ईश्वर दोनों हाथ से ग्रहण कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि कंस दिन रात भगवान श्रीकृष्ण के विरोध में लगा रहता था। अंतिम समय भगवान ने अहंकारी कंस का वध किया और मुक्ति प्रदान की। भगवान श्रीकृष्णा को रोकने के लिए कंस द्वारा तमाम चाल चले गए लेकिन ईश्वर के सामने अहंकार के सारे बंधन टूट जाते हैं। इसके पश्चात भगवान कृष्ण एवं रुक्मणी विवाह की कथा का बड़ा ही मार्मिक वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण को रुक्मणी द्वारा...