वाराणसी, जनवरी 28 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। विद्यालयों में औषधि वाटिका बनाकर बालकों को औषधीय पौधों की जानकारी दी जानी चाहिए। इसे अध्ययन का विषय भी बनाया जाना चाहिए। ये विचार बीएचयू आयुर्वेद विभाग के प्रो. प्रेमशंकर पांडेय ने मंगलवार को व्यक्त किए। वह 'भारत का राष्ट्रीय संस्कार सहकारिता' विषयक गोष्ठी में बोल रहे थे। यह आयोजन 'आयुष जागरण महोत्सव' के तहत 'औषधि उद्यान: समस्याओं का समाधान' विषयक कार्यशाला के तहत किया गया था। महमूरगंज स्थित संत साईं औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में हुए आयोजन के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. वीरेंद्र जायसवाल रहे। उन्होंने कहा कि हमें धर्म को अंगीकार कर समस्याओं का हल खोजना चाहिए। हमारा धर्म सहकारिता से संस्कारित है। अध्यक्षता न्यायाधीश (लोक अदालत) अच्छेलाल गुप्त ने की। विषय प्रवर...