बांदा, जनवरी 4 -- बांदा। संवाददाता थोक व फुटकर दवा विक्रेताओं से लाइसेंस के नाम पर होने वाली धन उगाही व फर्जीवाड़े पर अब अंकुश लगेगा। औषधि निरीक्षक को आवेदन के 15 दिन के अंदर उसे निस्तारित करते हुए लाइसेंस जारी करना होगा। साथ जारी लाइसेंस को लेकर सहायक आयुक्त (औषधि) दस प्रतिशत लाइसेंस की रेंडम जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजेंगे। शासन ने कुछ नियमों में भी बदलाव किए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकेब ने शनिवार को इस संबंध में सहायक आयुक्त (औषधि) व औषधि निरीक्षक को पत्र जारी किया है। कहा है कि थोक औषधि लाइसेंस निर्गत कते समय अधिकारी विशेष सावधानी बरतें। आवेदक, परिसर, भंडारण व्यवस्था, फर्म के संविधान व तकनीकी व्यक्ति से संबंधित तथ्यों का सत्यापन अनिवार्य रूप से करना होगा। लाइसेंस जारी करने से पहले आवेदक का नाम, पिता का नाम, जन...