शामली, जून 27 -- पांच नेशनल हाइवे से जुड़ने के साथ ही शामली जनपद औद्योगिक विकास के उड़ान भरने की अपार संभावनाएं बढ़ गई है, लेकिन इस उड़ान में सबसे बड़ी बाधा औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार न होना है। आद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि ही नहीं मिल रही है। गत चार सालों में सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है लेकिन नई इकाइयों के लिए जमीन नहीं मिल रही है। इस कारण तीन साल में अब तक 66 इकाइयों के एमओयू में से 19 इकाइयां स्थापित हो सकी। उद्यमियों का मानना है कि नया आरक्षित औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से विकास तेजी से उड़ान भरेगा। आज 27 जून को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम(एमएसएमई) दिवस मनाया जा रहा है। जनपद में एमएसएमई इकाइयों की संख्या में इजाफा हुआ है। शामली को जिला बने 14 साल हो गए है। जब से जिला बना तब से इंफ्रास्ट्रेक्चर में तेजी से विकास ह...
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