लखनऊ, जनवरी 6 -- राज्य सरकार ने आवासीय व कृषि की तरह औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियां भी 5000 रुपये के स्टांप पर अपनों के नाम करने की सुविधा दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। इस फैसले से पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक व औद्योगिक संपत्तियों के दान पर स्टांप शुल्क कम देना होगा। भारतीय स्टांप अधिनियम-1899 में अभी तक दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार हस्तांतरण पत्र (कन्वेयंस डीड) की भांति स्टांप शुल्क देय होता है, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम-1908 के प्रावधानों के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है। स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि स्टांप व रजिस्ट्रेशन विभाग ने 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना जारी करते हुए अचल संपत्ति...
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