रामगढ़, दिसम्बर 26 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि ओशो फ्रेगरेंस के द्वितीय दिवस का शुभारंभ शुक्रवार को ज्ञान की सुबह के प्रथम सत्र से हुआ। इस सत्र में सांसों के उच्च शासन और प्रशासन पर ध्यान कराया गया। इसके पश्चात आचार्य स्वामी दिगंबर ने साधना का मार्गदर्शन प्रारंभ करवाया। मैं कौन हूं मंत्र का बार-बार उच्चारण कर साधकों को अपनी आत्मा और चेतना से अवगत कराया गया। इसके बाद प्रतिभागियों की आंखों पर पट्टी और कानों में ईयर प्लग लगाकर उन्हें विश्राम की अवस्था में लाया गया, जहां साधकों ने गहरी शांति और अंतरंग अनुभव का साक्षात्कार किया। -- द्वितीय सत्र - काम, क्रोध मुक्ति और चिंता से समाधान द्वितीय सत्र का उद्घाटन ओशो फ्रेगरेंस के हिमालय स्वामी शैलेंद्र सरस्वती के आगमन के साथ हुआ। सभी साधकों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि से वात...
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