नई दिल्ली, दिसम्बर 31 -- उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों खासकर लेखपाल भर्ती में ओबीसी आरक्षण के नियमों को लेकर पिछले दिनों उभरे विवादों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री की सख्ती का ही असर है कि शासन ने अब राज्य के अधीन सभी सेवाओं और भर्ती संस्थाओं के लिए एक नया और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। शासन का साफ संदेश है कि भविष्य की किसी भी भर्ती में आरक्षित श्रेणियों के कोटे के साथ कोई समझौता नहीं होगा। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक, एम. देवराज की ओर से प्रदेश के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और भर्ती बोर्डों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। शासनादेश में स्पष्ट कहा गया है कि विभिन्न स्तरों पर होने वाली नियुक्तियों में उर्ध्व (Vertical) और क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण की व्यवस्था ...
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