कन्नौज, दिसम्बर 3 -- कन्नौज। जिला अस्पताल में ओपीडी का समय भले ही सुबह आठ बजे तय है, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही बयां कर रही है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल की घड़ी और डॉक्टरों की घड़ी में डेढ़ से दो घंटे का फर्क है, जिससे मरीजों को सुबह-सुबह इंतजार के सिवा कुछ नहीं मिलता। सुबह 7:30 बजे ओपीडी परिसर पहले ही चहल-पहल से भर गया था। दर्जनों मरीज और उनके परिजन पर्चा बनवाने के लिए लाइन में खड़े थे। कई लोग रात भर बस और ट्रेन की थकान के बावजूद समय पर पहुंच चुके थे। पर्चा काउंटर खुल चुका था, लेकिन डॉक्टरों के कमरे अंधेरे में बंद पड़े थे। बरामदे की कुर्सियां भरीं, विभाग खाली 7:45 बजे तक बरामदे की कुर्सियाँ लगभग भर चुकी थीं। मरीज फाइलें थामे, घड़ियों पर नजर टिकाए, आठ बजे के इंतजार में थे। लेकिन आठ बजे जब हमने प्रमुख विभागों सर्जरी, नेत्र, ईए...
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